बस में दो बहनों के साथ हुई छेड़छाड़ का वीडियो सामने आने के बाद निहित स्वार्थी तत्वों द्वारा जिस तरह की मुहिम छेड़ी जा रही है वह गहरी चिंता का विषय है।

बस में दो बहनों के साथ हुई छेड़छाड़ का वीडियो सामने आने के बाद निहित स्वार्थी तत्वों द्वारा जिस तरह की मुहिम छेड़ी जा रही है वह गहरी चिंता का विषय है। इससे समाज में महिलाओं के साथ हिंसा व असुरक्षा बढऩे व अपराधियों के हौसले बुलंद होने का माहौल पैदा होता जा रहा है। कल जनवादी महिला समिति, जनवादी नौजवान सभा, स्टूडैंट्स फैडरेशन ऑफ इंडिया, हरियाणा ज्ञान विज्ञान समिति, नागरिक मंच, विकलांग अधिकार मंच, अभिभावक एकता मंच, सी.आई.टी.यू., सप्तरंग, हिम्मत समेत कई सामाजिक संगठनों ने बैठक कर घटना की तमाम पहलूओं पर विस्तृत चर्चा की तथा इस वातावरण के खिलाफ संयुक्त रूप से अभियान चलाने का निर्णय किया गया।

आज यहां जनवादी महिला समिति की राज्य सहसचिव सविता, जनवादी नौजवान सभा के राज्य अध्यक्ष संदीप सिहं, स्टूडैंट्स फैडरेशन ऑफ इंडिया के राज्य सचिव सुमित व गीता ने पै्रस सम्मेलन के माध्यम से यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि प्रदेश में मासूम बच्चियों, लड़कियों और महिलाओं के साथ हर रोज छेडख़ानी, यौन हिंसा, गुण्डागर्दी व उत्पीडऩ की घटनाएं हो रही हैं। ऐसे में रोहतक बस प्रकरण में छात्राओं द्वारा छेडख़ानी का विरोध करने का वीडियो मीडिया समेत समाज के सभी तबकों द्वारा स्वागत योग्य माना गया था। राज्य सरकार द्वारा भी सम्मानित करने की घोषणा कर दी गई थी। परंतु दूसरा वीडियो सामने आने के बाद से ही लगातार इलैक्ट्रोनिक, प्रिंट व सोशल मीडिया के एक हिस्से द्वारा बड़े पैमाने पर लड़कियों के चरित्र हनन के निंदनीय प्रयास हो रहे हैं।

मामले के कुछ अहम पहलुओं को मीडिया के एक हिस्से द्वारा लगातार नजरान्दाज किया जा रहा है। ऐसा लगता है कि इस मामले को मात्र सीट विवाद तक सीमित करने के प्रयास हो रहे हैं। बस में चढऩे से पहले तथा बस से नीचे धकेले जाने के बाद के प्रकरण की उपेक्षा की जा रही है। राज्य सरकार द्वारा किया गया बचकाना आचरण भी न्याय प्रक्रिया को प्रभावित करने वाला है। पुरे मामले को लिंग व जाति आधारित बनाने की निंदनीय कोशिशे हो रही हैं।

ऐसे माहौल में प्रदेश में महिलाओं पर निरंतर बढ़ रही हिंसा की घटनाओं पर से ध्यान हट रहा है तथा पीडि़त महिलाओं के प्रति ही घृणा का माहौल बनाया जा रहा है। जबकि यह सर्वविदित है कि सार्वजनिक स्थलों, बसों, पार्कों, सडक़ों, घरों, शिक्षण संस्थाओं आदि स्थानों पर महिलाओं, छात्राओं को अनेक प्रकार की हिंसा (छेडख़ानी,गंदे इशारों, अश्लील फब्तियों, चुन्नी खींचने, भीड़ का फायदा उठाकर अश्लील ढंग से छूने, चैन तोड़े जाने आदि)का शिकार होना पड़ रहा है। घरेलू हिंसा, दहेज, उत्पीडऩ तथा हत्या के मामले निरंतर सामने आ रहे हैं। हमें महिलाओं के लिए सुरक्षित व हिंसा मुक्त वातावरण बनाने के लिए गम्भीर सार्वजनिक विमर्श करने और महिलाओं के खिलाफ होने वाले इन अपराधों को रोकने के लिए पूरे समाज को एक स्वर में आवाज उठानी होगी। प्रदेश सरकार को कानून व्यवस्था चुस्त-दुरूस्त करते हुए अपराधियों पर कानूनी शिकंजा कसना होगा। समाज में जिन-जिन स्थानों पर महिलाओं के साथ हिंसा होती है वहां रोकथाम के प्रभावी कदम उठाने चाहिए। सरकार प्रदेश के प्रत्येक रूट पर महिलाओं व छात्राओं के लिए विशेष बसों का प्रबंध करने, अन्य बसों में महिलाओं के लिए आरक्षित सीटों की उपलब्धता सुनिश्चित करने, बसों में सीविल ड्रेस में पुलिस कर्मियों की नियुक्ति करने, महिला पी.सी.आर. की संख्या बढ़ाने, महिला हैल्पलाईन 1091 को प्रभावी बनाने, पुलिस प्रशासन के ढुलमूल रवैये को दुरूस्त करने के ठोस कदम उठाएं। रोहतक बस प्रकरण में पब्लिक ट्रायल को फौरी तौर पर बंद किया जाए, लड़कियों के खिलाफ दुष्प्रचार करने वालों पर कार्यवाही की जाए और मामले की न्यायिक प्रक्रिया फास्ट ट्रेक कोर्ट के माध्यम से जल्द पूरी की जाए।

लड़कियों के परिजनों की ओर से सार्वजनिक तौर पर बार-बार प्रदेश सरकार से सुरक्षा मुहैया करवाने की मांग की है। यदि छात्राओं और उनके परिजनों के साथ कोई अप्रिय घटना घटती है तो इसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन व सरकार की होगी। सरकार फौरी तौर पर लड़कियों व उनके परिजनों को सुरक्षा मुहैया करवाए। जनवादी महिला समिति10 दिसम्बर को मानवाधिकार दिवस के अवसर पर इस घटना को केन्द्र में रखकर इसके तमाम पहलुओं पर चर्चा आयोजित करेगी।

जारी कर्ता
जनवादी महिला समिति जनवादी नौजवान सभा स्टूडैंट्स फैडरेशन ऑफ इंडिया
सविता संदीप सिंह सुमित
राज्य सहसचिव राज्याध्यक्ष राज्य सचिव

Last modified on Monday, 02 November 2015 12:26
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